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कारो में EBD (Electronic Brake Force Distribution) क्या होता है?

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जब भी आप खरीदने की सोचते है तो आप आपसे से कुछ लोग केवल और केवल कार की कीमत, मैन्युफैक्चरर कम्पनी और माईलेज की तरफ ज्यादा ध्यान देते है, आपमे से बहुत कम लोग सेफ्टी फीचर्स की तरफ ध्यान देते है.

आजकल कारो में बहुत से नए सेफ्टी फीचर्स आने लगे है जैसे ABS[ Anti-lock braking system, एयरबैग्स, TCS[traction control system] और EBD [Electronic Brake Force Distribution] आदि प्रमुख है. इस आर्टिकल में हम बतायेगे EBD [Electronic Brake Force Distribution] क्या है और यह काम कैसे करता है.

जब आप कभी कार में ब्रेक लगाते है तो साधारण कार के चारो पहियों में एकसाथ ब्रेक लगते है और एकसाथ रुकते है. लेकिन हर समय कार का वजन एक सा नही रहता कभी आप अकेले तो कभी आप अपने ड्राईवर के साथ और कभी अपनी पूरी फॅमिली के साथ होते है इस लिए हर समय कार के चारो पहियों पर वजन अलग-अलग होते है, अतः कार के चारो पहियों पर अलग-अलग ब्रेक फ़ोर्स की जरुरत होती है यही पर काम आता है EBD यानी Electronic Brake Force Distribution जिससे आप कार को अच्छी तरह कंट्रोल कर सके.

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EBD काम कैसे करता है-  

    ईबीडी प्रणाली एक ब्रेकिंग इवेंट में सभी चार पहियों के लिए आइडियल ब्रेक फाॅर्स को  वितरित करने के लिए वाहन के ईएससी और एबीएस का उपयोग करती है। इसमें तीन प्रमुख कंपोनेंट होते है-

1. Speed Sensor:

EBD से लैस कारो में प्रत्येक पहियों में एक स्पीड सेंसर लगा होता है जो कार की गति को प्रत्येक क्षण सेंस करता रहता है कभी कभी यह भी हो सकता है किएक यह हो सकता है कि पहिया की गति कार की गति के समान नहीं हो सकती है। ऐसी स्थिति व्हील (s) स्किडिंग का कारण बन सकती है। स्पीड सेंसर स्लिप अनुपात की भी गणना करते हैं और इसे ईसीयू में रिले करते हैं।

2. Electronic Control Unit:

यह एक छोटी सी इलेक्ट्रानिक यूनिट होती है जो प्रत्येक पहिए से प्राप्त स्पीड सेंसर, डेटा को एनालाइज करती है और स्लिप अनुपात (कार की गति और टायर के रोटेशन के बीच अंतर) की गणना करने के लिए डेटा का उपयोग करती है। एक बार स्लिप रेशो निर्धारित हो जाने के बाद, यह स्लिप रेशियो को सीमा के भीतर रखने के लिए Brake Force Modulators का उपयोग करती है।

3. Brake Force Modulators:

ईबीडी सिस्टम ECU से प्राप्त डाटा के अनुसार  ब्रेक व्हील मॉड्यूलेटर का उपयोग करके प्रत्येक पहियो पर ब्रेकिंग फ़ोर्स को लगाने का काम करता है।

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EBD के फायदे-

जैसा कि समझाया गया है, Electronic Brake Force Distribution यह सुनिश्चित करता है कि इसके द्वारा समर्थित वजन के अनुसार प्रत्येक व्हील पर सही मात्रा में ब्रेक फाॅर्स लगाया जाए। इसकी अनुपस्थिति में, सभी पहियों पर एकसमान ब्रेक फाॅर्स डाला जाता है चाहे जो भी वजन हो। जिसके परिणामस्वरूप पहिया फिसल सकता है और इसलिए वाहन अनियंत्रित या स्किड हो सकता है. EBD सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि ऐसा न हो।

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